
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस नई प्रणाली के जरिए नागरिक फोन, वेबसाइट और व्हाट्सएप के माध्यम से सीधे अपनी शिकायतें शासन तक पहुंचा सकेंगे। इसका उद्देश्य आम लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देना है।
जनता और शासन के बीच मजबूत होगा भरोसा
मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत ने कहा कि इस हेल्पलाइन का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना और शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि एक प्रभावी समाधान प्रणाली होगी।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को इससे बड़ी सुविधा मिलेगी, क्योंकि वे अब आसानी से अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।
1200 श्रेणियों में दर्ज होंगी शिकायतें
राहुल भगत ने जानकारी दी कि विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों के लिए लगभग 1200 श्रेणियां तय की गई हैं। इसके साथ ही करीब 8 हजार अधिकारियों की मैपिंग की गई है, ताकि शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंचे और उसका शीघ्र निराकरण हो सके।
चार स्तरीय समाधान प्रणाली
अधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि शिकायतों के समाधान के लिए एल-1 से एल-4 तक चार स्तरीय प्रणाली लागू की जाएगी। इससे शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित होंगी।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली, पोर्टल संचालन और समय-सीमा आधारित समाधान प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
कलेक्टर कॉल सेंटर का अवलोकन
रायपुर जिले में पहले से संचालित कलेक्टर कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली की भी सराहना की गई। इस केंद्र के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा रहा है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित होगी। उन्होंने अधिकारियों से शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उच्च अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।











